देशभर के सरकारी स्कूलों में 17 प्रतिशत से भी अधिक शिक्षकों के पद खाली: शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल

0

देशभर के सरकारी स्कूलों में 17.1 प्रतिशत शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। जिसमें से सबसे ज्यादा रिक्तियां बिहार (2.7 लाख) में हैं, इसके बाद उत्तर प्रदेश (2.1 लाख) और  57.5% रिक्तियां सिक्किम में हैं।केन्द्र सरकार की ओर से जारी रिक्तियों के अनुसार पूरे देश मे 10 लाख 60 हजार 139 शिक्षकों के पद खाली हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने लोकसभा में  कहा कि “शिक्षकों की भर्ती एक सतत प्रक्रिया है और सेवानिवृत्त होने तथा छात्रों की शक्ति के कारण अतिरिक्त आवश्यकताओं के चलते रिक्तियां उत्पन्न होती रहती हैं।”

मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 20% से अधिक रिक्तियों वाले छह राज्य हैं जिनमें झारखंड (40.1%),बिहार (39.9%),उत्तर प्रदेश (28.8%), उत्तराखंड (24.3%) और छत्तीसगढ़ (21.7) शामिल हैं।
उन्होंने बताया की देश के सरकारी स्कूलों में कुल 61.8 लाख स्वीकृत पद हैं, जिनमें 2020-21 के शैक्षणिक सत्र के अनुसार 10.6 लाख पद खाली पड़े हैं।जिन राज्यों में रिक्तियों की संख्या सबसे कम है उनमें मिजोरम, महाराष्ट्र (0.8%), तमिलनाडु (1.4%), पंजाब (2.2%),गुजरात (2.6%),नागालैंड (2.7%) और केरल (शामिल हैं) शामिल हैं। 2.8%) अरुणाचल प्रदेश,त्रिपुरा,ओडिशा और मेघालय में भी रिक्ति प्रतिशत 5% से कम है।

रिक्तियों के मामले में बिहार पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। जहां शिक्षकों के कुल स्वीकृत 6,88,157 पद के विरुद्ध 2 लाख 75 हजार 255 पद खाली हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में भी दो लाख 17 हजार से अधिक रिक्तियां हैं। वहीं, झारखंड में 95 हजार से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। सर्वाधिक सीटें उत्तर भारत के ही राज्यों में उपलब्ध है।

आपको बता दे की देश मे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर नियुक्ति के इंतजार में बैठे हैं। इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के खाली पदों के कारण बच्चों के पढ़ाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा हैं।ऐसे में सरकार को जरूरत हैं की शिक्षा सम्बधित मुद्दों पर ठोस योजनाएं बनाए तथा शिक्षको की उचित नियुक्ति कर शिक्षा क्षेत्र के विकास पर ध्यान दे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here