गुजरात में Coronavirus के 1,408 नए मामले, फिर 14 मौतें

0

गुजरात में गुरुवार को कोरोना संक्रमण के 1,408 नए मामले सामने आए। इसके साथ संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,28,949 हो गई। फिर 14 संक्रमित मरीजों की मौत हो जाने से राज्य में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 3,384 तक जा पहुंची। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, इस महीने अब तक 32,514 कोरोना के मामले आ चुके हैं। गुरुवार को 1,510 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। राज्य में अब तक 1,09,211 कोरोना मरीज उपचार से ठीक हो चुके हैं। इस समय 16,354 सक्रिय मरीज हैं, जिनमें से 89 की हालत नाजुक है।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleLokesh Rahul ने शतक लगा आईपीएल में कई रिकार्ड किए अपने नाम
Next articleआईपीएल 2020: एमएस धोनी अब वीरेंद्र सहवाग से आग ले रहे थे, he ऐसा लग रहा था जैसे वह कोशिश भी नहीं कर रहे थे
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here