ताज नगरी में 12,000 चिकित्सक करेंगे स्वास्थ्य-चर्चा

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ताज नगरी में सोमवार से चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सक सम्मेलन होने जा रहा है, जिसमें समूचे भारत और अन्य 50 देशों से 12,000 से ज्यादा चिकित्सक जुटेंगे। वे चिकित्सा जगत में नई चुनौतियों, रणनीतियों व आयुष पर चर्चा करेंगे। एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन्स के संगठन सचिव पी.एम. महेश्वरी ने आईएएनएस को बताया कि चिकित्सक सम्मेलन एपिकॉन-2020 चिकित्सा जगत का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन होगा, जिसमें हजारों चिकित्सा परामर्शी रोगों के बढ़ते दायरे और उनके निदान के नए उपायों पर व्याख्यान देंगे। चिकित्सक सम्मेलन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना करेंगे।

आयोजन स्थल को सजाने-संवारने में 500 से ज्यादा शिल्पकार लगे हुए हैं। मुगल वास्तुशिल्प का वैभव और ब्रज संस्कृति के आध्यामिक छटा प्रदर्शित करने के लिए वे यहां कई दिनों से काम में जुटे हुए हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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