देश में 12 और परमाणु संयंत्र जल्द : डीएई प्रमुख व्यास

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देश में जल्द ही 12 और परमाणु संयंत्र लगाए जाएंगे, ताकि बिजली की स्थिति में सुधार हो और उद्योगों और आवासीय प्रयोग के लिए बिजली की अबाधित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के सचिव के. एन. व्यास के हवाले से सोमवार को विभाग द्वारा जारी बयान में यह जानकारी दी गई।

व्यास भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के चेयरमैन भी हैं। उन्होंने हाल ही में रूस के सोच्ची में रोस्टम स्टेट एटॉमिक इनर्जी कॉर्पोरेशन द्वारा प्रायोजित 11वें अंतर्राष्ट्रीय फोरम एटमएक्सपो 2019 में भाग लिया था। उनके हवाले से कहा गया, “परमाणु प्रौद्योगिकी विविध उपयोगों के माध्यम से जीवन को बेहतर बनाने में मदद करती है और यह स्वच्छ प्रदूषण मुक्त ऊर्जा का एक अपूरणीय स्रोत है।”

उन्होंने कहा कि भारतीय परमाणु कार्यक्रम के संस्थापक होमी जहांगीर भाभा ने परिकल्पना की थी कि परमाणु तकनीक ‘बहुत ही आवश्यक’ होने वाली है और ना सिर्फ बिजली के क्षेत्र में, बल्कि अन्य क्षेत्रों में जीवन की बेहतरी के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।

व्यास ने कहा कि भारत के स्वदेशी परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का पहला चरण अब परिपक्व हो चुका है और 18 प्रेशराइज्ड हैवी वॉटर रिएक्टर्स (पीएचडब्ल्यूआरएस) काम कर रहे हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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