रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय का 104 बीघा जमीन जब्त

0

रामपुर जिला प्रशासन ने बुधवार को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर के अंदर 104 बीघा जमीन जब्त की है। यह कार्रवाई प्रयागराज स्थित रेवेन्यू बोर्ड कोर्ट के निर्देश पर की गई है। विश्वविद्यालय का निर्माण समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद मोहम्मद आजम खान ने कराया है, साथ ही वह यहां के कुलाधिपति भी हैं।

रेवेन्यू बोर्ड कोर्ट के अनुसार दलित किसानों के समूह से ली गई इस जमीन की खरीद फरोख्त में नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं।

प्रयागराज स्थित रेवेन्यू बोर्ड में सरकारी वकील दीपक सक्सेना ने कहा, “उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम के तहत छोटे दलित भूस्वामी अपनी जमीन गैर-अनुसूचित जाति के व्यक्ति के नाम स्थानांतरित नहीं कर सकते हैं, और अगर वे ऐसा करते हैं तो इसके लिए उन्हें जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होती है। वरिष्ठ सपा नेता आजम खान द्वारा संचालित जौहर ट्रस्ट ने ऐसी कोई अनुमति नहीं ली थी।”

उन्होंने आगे कहा, “रेवेन्यू बोर्ड ने साल 2013 में मुरादाबाद कमिशनर कोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें इस भूमि की बिक्री की अनुमति दी गई थी।”

प्रशासन ने बुधवार दोपहर करों का भुगतान नहीं करने पर विश्वविद्यालय परिसर के अंदर एक निर्माणधीन इमारत को भी सील कर दिया।

रामपुर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) प्रेम प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचकर इमारत को सील करने और जमीन को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

रामपुर के जिला अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि रेवेन्यू बोर्ड से संबंधित दस्तावेज की एक प्रति मिलने के बाद जमीन जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। रेवेन्यू बोर्ड ने पाया कि जौहर ट्रस्ट ने 104 बीघा जमीन पर कब्जा करने के लिए उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम का उल्लंघन किया।

मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की एक इमारत को भी जब्त किया गया है, क्योंकि जौहर ट्रस्ट विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 1.37 करोड़ रुपये का उपकर जमा करने में असफल रहा।

भवन और अन्य निर्माण श्रमिक नियमन और सेवा अधिनियम 1996 की शर्तो के तहत राज्य में निर्मित 10 लाख रुपये से ऊपर की सभी इमारतों को बोर्ड को खर्च राशि का 1 प्रतिशत उपकर देना होता है, बोर्ड जिसका प्रयोग श्रमिकों के कल्याण के लिए करता है।

साल 2006 में स्थापित हुआ विश्वविद्यालय लगभग 500 एकड़ में फैला है। इसका संचालन मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleनिर्भया केस की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह को कंगना की लताड़-इनकी कोख से दुष्कर्मी पैदा होते हैं।
Next articleHuawei 11,000 रूपये से कम कीमत में 5जी फोन लाँच करेगी
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here