सुप्रीम कोर्ट के 10 वरिष्ठ अधिवक्ता जिंदल लॉ स्कूल में छात्रों को पढ़ाएंगे

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ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल (जेजीएलएस) ने गुरुवार को कहा कि उसने सुप्रीम कोर्ट के 10 प्रतिष्ठित वरिष्ठ अधिवक्ताओं को अनुबद्ध प्रोफेसरों और कानूनी प्रैक्टिस के प्रतिष्ठित प्रोफेसरों के रूप में नियुक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता लीड (एलईएडी) कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जो कि वकालत की पढ़ाई को विकसित करने और कानून की उत्कृष्टता के लिए संस्थान द्वारा शुरू की गई एक नई पहल है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिष्ठित कानूनी विशेषज्ञों के नेतृत्व में शिक्षा प्रदान करते हुए उत्कृष्ट कानून के छात्रों को प्रेरित करना है, जो उन्हें बार और बेंच में शामिल होने के ²ष्टिकोण के साथ मुकदमेबाजी पर विशेष ध्यान देने में सहायक है। इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों को कानूनी पेशे की बारीकियों को समझने में मदद मिलेगी।

लीड कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं में गौराब बनर्जी, सिद्धार्थ लूथरा, गौरव पचनंदा, मोहन परासरन, साजन पूवय्या, रितिन राय, सूरत सिंह, अभिषेक मनु सिंघवी, पराग त्रिपाठी और आर वेंकटरमणि शामिल हैं।

ओ. पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कुलपति और ओ. पी. जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के डीन सी. राजकुमार ने कहा, “लीड कार्यक्रम का उद्देश्य कानूनी पेशे के कुछ सबसे उत्कृष्ट सदस्यों की पहचान करना है, जो कानून के वरिष्ठ छात्रों को शिक्षित करने और उन्हें प्रेरित करने के उद्देश्य से एक कोर्स पढ़ा सकें।”

प्रत्येक मानद सहायक प्रोफेसर कानून और कानूनी अभ्यास के एक उन्नत क्षेत्र पर 1-क्रेडिट पाठ्यक्रम सिखाएगा। पाठ्यक्रम पांच सितंबर से शुरू होगा, जो कि आठ सप्ताह तक चलेगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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