मात्र 10 सेकंड की वीडियो क्लिप 48 करोड़ रुपये में बिकी जानिए विडियो की खासियत

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दुनिया तेजी से डिजिटाइज हो रही है. इसी क्रम में निवेशकों का रुझान ऐसी चीजों पर खर्च करने को लेकर बढ़ा है जो सिर्फ और सिर्फ ऑनलाइन ही उपलब्ध है और यूनिक है. एक 10 सेकंड की वीडियो क्लिप 66 लाख डॉलर (48.44 करोड़ रुपये) में बिकी है. पिछले साल अक्टूबर 2020 में मियामी के एक आर्ट कलेक्टर पाब्लो रोड्रिगूज फ्रेले ने 10 सेकंड के आर्टवर्क पर 67 हजार डॉलर (49.17 लाख रुपये) खर्च किए और अब उसने इसे पिछले हफ्ते 66 लाख डॉलर (48.44 करोड़ रुपये) में बेच दिया. कंप्यूटर जेनेरेटेड इस वीडियो में डोनाल्ड ट्रंप को जमीन पर गिरते हुए दिखाया गया है और उनके शरीर पर ढेर सारे स्लोगन्स हैं.इस वीडियो को एक डिजिटल आर्टिस्ट बीपल ने तैयार किया है जिसका वास्तविक नाम माइक विंकलमन है.

इस वीडियो को ब्लॉकचेन द्वारा प्रमाणित किया गया जो एक तरह से डिजिटल सिग्नेचर है और प्रमाणित करता है कि इस पर किसका स्वामित्व है और यह किसी की कॉपी नहीं है. ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए इस प्रकार के एसेट को प्रमाणित किया जाता है कि यह यूनिक है जबकि अन्य प्रकार के ऑनलाइन ऑब्जेक्ट्स को कितनी भी बार तैयार किया जा सकता है. फ्रेले ने इसकी खासियत बताते हुए कहा कि आप मोनालिसा पेंटिंग की तस्वीर खींच सकते हैं लेकिन इसकी कोई वैल्यू नहीं होगी क्योंकि इसमें उसकी उत्पत्ति या वर्क हिस्ट्री नहीं होगी.एनएफटी के एक मार्केटप्लेस ओपनसी के मुताबिक एनएफटी की बिक्री में बढ़ोतरी हो रही है और पिछले महीने फरवरी में इसने 8.63 करोड़ डॉलर का भी स्तर पार कर लिया जबकि जनवरी में 8 करोड़ डॉलर (633.32 करोड़ रुपये) मूल्य के एनएफटी की बिक्री हुई थी.

एक साल पहले यह आंकड़ा महज 15 लाख डॉलर (11 करोड़ रुपये) का ही था. ओपनसी के को-फाउंडर एलेक्स एटला के मुताबिक अगर आप कंप्यूटर पर 8-10 घंटे हर दिन बिताते हैं तो डिजिटल आर्ट बहुत बड़ी भूमिका में है क्योंकि यह एक पूरा संसार है.

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