बीमा एजेंट भी अब लोकपाल के दायरे में, नियमों में किया गया बदलाव देखे क्या है नया नियम

0

देश में बीमा क्षेत्र में हो रही धोखाधड़ी और ग्राहकों की शिकायतों के बेहतर समाधान करने के मकसद से बीमा लोकपाल नियमों में संशोधन किया गया है। इसके तहत अब इंश्योरेंस बेच रहे फर्जी ब्रोकरों के खिलाफ बीमा लोकपाल के पास भी शिकायत की जा सकेगी। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग की तरफ से इस बारे में नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।केंद्र सरकार ने बीमा सेवाओं की दिक्कतों को लेकर आ रही शिकायतों के समाधान, उसमें लगने वाले समय और होने वाले खर्च को देखते हुए एक नई प्रभावी व्यवस्था तैयार कर दी है। इसके लिए बीमा लोकपाल तंत्र के कामकाज को ज्यादा अधिकार देते हुए बीमा लोकपाल नियमावली 2017 में संशोधन किया गया है।

नए नियमों के बाद अब बीमा ब्रोकरों को भी लोकपाल तंत्र के दायरे में लाया गया है और बीमा ब्रोकरों के खिलाफ अवार्ड पारित करने के लिए लोकपालों को सशक्त बनाया गया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक नए नियमों के तहत, बीमा पॉलिसी खरीदने वालों को अगर कोई शिकायत है तो उसका समाधान कम खर्च में समय से हो सकेगा। मौजूदा समय में देश में 56 बीमा कंपनियां काम कर रही हैं जिनमें से 24 जीवन बीमा से जुड़ी हुई हैं। इसमें जीवन बीमा से जुड़ी हुई सरकारी कंपनी एलआईसी है। वहीं गैर जीवन बीमा से जुड़ी हुई 6 सरकारी कंपनियां सिस्टम में मौजूद हैं।यही नहीं अगर किसी विशेष लोकपाल का पद रिक्त है तो उस हालत में लोकपाल तंत्र के जरिए शिकायतकर्ता को राहत देने के लिए और मामले के जल्दी निपटारे के लिए किसी अन्य लोकपाल को अतिरिक्त प्रभार सौंपने का भी प्रावधान किया गया है।

लोकपाल चुनने के लिए चयन समिति में अब बीमा क्षेत्र में उपभोक्ता अधिकारों को बढ़ावा देने या उपभोक्ता संरक्षण के मामलों को आगे बढ़ाने में ट्रैक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा। लोकपाल तंत्र को बीमा कंपनियों की कार्यकारी परिषद द्वारा प्रबंधित किया गया था, जिसका नाम बदलकर बीमा लोकपाल परिषद कर दिया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here