पश्चिम बंगाल सरकार का दुर्गा पूजा को लेकर लिया गया ये फैसला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

0
90

जयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने पर सहमति व्यक्त की जिसने पश्चिम बंगाल सरकार को दुर्गा पूजा समितियों को धन वितरित करने से रोकने से इनकार कर दिया गया है.

तृणमूल कांग्रेस सरकार ने घोषणा करी है की वह राज्य में हर दुर्गा पूजा समिति को 10,000 रुपये से 28,000 रुपये वितरित करेगी. हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए राज्य द्वारा निर्धारित 28 करोड़ रुपये को वितरित करने के लिए कोई दिशानिर्देश नहीं है. कोर्ट ने राज्य के वकील से पूछा था कि इस तरह की बड़ी राशि के वितरण में कोई दिशानिर्देश शामिल है.

गुरुवार को, भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने याचिका स्वीकार कर ली और कहा कि मामला शुक्रवार को सूचीबद्ध होगा और इस मामले की सुनवाही करी जाएगे.

सुप्रीम कोर्ट में याचिका वकील सौरव दत्ता ने दायर की थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार का निर्णय कानून के स्थापित सिद्धांत के खिलाफ था, और तत्काल सुनवाई की मांग करी है. याचिका में कहा गया है, “उच्च न्यायालय इस बात की सराहना करने में असफल रहा कि दुर्गा पूजा का आयोजन करने में कोई सार्वजनिक उद्देश्य नहीं है, बल्कि यह एक धार्मिक कार्यक्रम है.”

उच्च न्यायालय के खंडपीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश देबाशिष कर गुप्ता और न्यायमूर्ति सम्पा सरकार ने कहा कि विधायिका राज्य सरकार द्वारा व्यय पर फैसला करने के लिए उपयुक्त मंच है. यह बताते हुए हाई कोर्ट ने कहा था की वो सरकार के किसी में निर्णय में दखल नहीं देना चाहता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here