अब अमेरिका की पसंद बनने बाला है ‘लाल चावल’, क्या है इसकी खासियत

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असम में भोजन का अभिन्न अंग ‘लाल चावल’ अब अमेरिकियों की भोजन की थाली का भी हिस्सा बनेगा. दरअसल, भारत की चावल निर्यात क्षमता को बढ़ावा देने के लिए ‘लाल चावल’ की पहली खेप को अमेरिका के लिए रवाना किया गया. लाल चावल का निर्यात प्रमुख राइस एक्सपोर्टर एलटी फूड्स की ओर से किया जा रहा है. सरकार का कहना है कि इन ‘लाल चावल’ के निर्यात में वृद्धि होने के साथ ही इससे ब्रह्मपुत्र के बाढ़ वाले मैदानी इलाकों के किसान परिवारों की आय में इजाफा होगा.वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, लाल चावल की इस खेप को एपीडा (APEDA) के अध्यक्ष डॉ एम अंगमुथु ने हरियाणा के सोनीपत से अमेरिका के लिए रवाना किया.

बता दें, APEDA अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर चावल के निर्यात को बढ़ावा देता है. मालूम हो, सरकार ने एपीईडीए के अंतर्गत राइस एक्सपोर्ट प्रमोशन फोरम (REPF) की स्थापना की थी. आरईपीएफ चावल उद्योग, निर्यातकों, एपीईडीए, वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों और पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित प्रमुख चावल उत्पादक राज्यों के निदेशकों का प्रतिनिधित्व करता है.

  • आयरन से भरपूर ‘लाल चावल’ असम की ब्रह्मपुत्र घाटी में किसी भी रासायनिक खाद के बिना उगाया जाता है. चावल की इस किस्म को ‘बाओ-धान’ कहा जाता है. यह असमिया भोजन का एक अभिन्न अंग है.
  • लाल चावल में एंथोसाइनिन (anthocyanin) नामक पदार्थ होता है, जिसके कारण यह लाल रंग को होता है. कुछ स्टडी में बताया गया है कि लाल चावल खराब कोलेस्‍टॉल को कम करने और दिल को स्‍वस्‍थ रखने में मदद कर सकता है.
  • लाल चावल एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. इसे एंथोसाइएनिन्स भी कहते है. यह एंथोसाइएनिन्स गहरे बैंगनी और लाल रंग के फलों और सब्जियों में पाए जाते हैं.
  • लाल चावल शरीर में होने वाली जलन, एलर्जी व कैंसर के खतरे को कम करने में सहायक होते हैं. इसके अलावा, इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है. इससे कब्ज की समस्या भी दूर होती है और आपको मोटापे से बचाता है. कहा जाता है कि लाल चावल शरीर में इन्सुलिन और ब्लड शुगर को भी संतुलित करता है.

भारत से चावल का निर्यात कोरोना महामारी के दौर में भी बढ़ा है. वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि जब दुनियाभर में कोविड-19 महामारी ने कई वस्तुओं की सप्लाई को रोक दिया था, उस समय भी भारत से चावल के निर्यात में तेजी आई. एपीडा के अध्यक्ष एम अंगामुथु का कहना है, हमने कोविड-19 महामारी के समय में भी सैद्धांतिक एवं स्वास्थ्य चुनौतियों के चलते सुरक्षा तथा स्वच्छता सुनिश्चित करने के संदर्भ में अनेक उपाय किए और इस दौरान भी चावल का निर्यात जारी रहा.

 

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